अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनाएगी ये दिग्गज कंपनी, तराशे गए पत्थरों से ही होगा निर्माण


अयोध्या: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के उपाध्यक्ष चंपत राय ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास और दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास से मुलाकात की. विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय अपना नाम व न्यास अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास का नाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नही होने को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की दूरदर्शिता बताया है.


विहिप के चंपत राय ने कहा, बाबरी विध्वंस के आरोपी न्यास अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास और मुझे ट्रस्ट में शामिल नहीं करके केंद्र सरकार ने ठीक ही किया. ट्रस्ट में तीन जगह को रिक्त कर ट्रस्ट के सदस्यों पर निर्भर कर दिया कि वह चुनाव करें.


अगर सरकार ट्रस्ट में नाम पहले ही घोषित कर देती तो राम मंदिर नहीं बनने देने वाले लोग सरकार पर आरोप लगाते और कोर्ट जाकर पीआईएल दाखिल करते.


न्यास अध्यक्ष और मुझ पर सीबीआई का मुकदमा चल रहा होने के कारण अदालत को दोनों नाम ट्रस्ट से निकालने का आदेश देना पड़ता, जिसे सरकार ने पहले ही भांप लिया था.


ट्रस्ट से संतुष्ट, कोई संत नाराज नहीं
चंपत राय का कहना है कि वह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से संतुष्ट हैं. अयोध्या का कोई संत नाराज नहीं है. ट्रस्ट में के. पाराशरण जैसे योग्य सदस्य हैं. विहिप चाहती है कि जल्दी से राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो जाए. राम मंदिर निर्माण में कोई बाधा नहीं आए.


तो मंदिर बनाने में 25 वर्ष लग जाएंगे
उन्होंने कहा कि कार्यशाला में तराशे गए पत्थरों से राम मंदिर का निर्माण होगा और दो वर्षों में ही राम मंदिर निर्माण होगा. यदि इन पत्थरों से मंदिर निर्माण नहीं हुआ तो मंदिर बनाने में 25 वर्ष लग जाएंगे. राम मंदिर निर्माण के लिए विहिप अलर्ट है. कार्यशाला में काई लगे पत्थरों की सफाई शुरू हो गई है. गुजरात से महिलाओं की टीम बुलाकर कारीगरों की संख्या बढ़ाई जाएगी. 30 कारीगरों की संख्या अभी बढ़ेगी.


L&T से मांगेंगे सहयोग
विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा को विहिप राम मंदिर निर्माण में तकनीकी सेवा के लिए देश की बड़ी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड से सहयोग मांगेगी. एल एंड टी (L&T) कंपनी के पास निर्माण में सहयोग करने की बड़ी मशीनें हैं, जिससे बड़े और भारी पत्थरों को ले जाने में आसानी होगी.