मुस्लिमों को आरक्षण देने के लिए कानून लाएगी उद्धव ठाकरे सरकार


महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार स्कूल-कॉलेजों में मुस्लिम आरक्षण के लिए कानून लाएगी. मुस्लिम समुदाय को पांच फीसदी आरक्षण के लिए कांग्रेस और एनसीपी की तरफ से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर दबाव था. राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक ने मुस्लिम आरक्षण के लिए प्रस्ताव लाने की पुष्टि की.
# क्या है मामला?
महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा,
राज्य की महा विकास अघाड़ी सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिमों को पांच फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा है.
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि स्कूलों में प्रवेश शुरू होने से पहले इस बारे में उचित कदम उठाए जाएंगे.
# हाई कोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट ने सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिम समुदाय को पांच फीसदी आरक्षण को हरी झंडी दी थी. पिछली सरकार के कार्यकाल में इस संबंध में कोई ऐक्शन नहीं लिया गया. इसलिए हमने हाईकोर्ट के आदेश को कानून के रूप में अमल करने का ऐलान किया है.
# पिछले साल बीजेपी से की थी मुस्लिम आरक्षण की मांग
जून 2019 में महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टियों ने राज्य में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मुस्लिमों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की थी. इस मांग पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने यह कहते हुए उनकी बात का विरोध किया कि संविधान में धर्म आधारित आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है.
# लेकिन नई सरकार के इरादे नए
महाराष्ट्र में पिछले साल नवंबर में गठबंधन सरकार बनी. कांग्रेस ने साफ किया कि मुस्लिम आरक्षण पर दबाव बनाएगी. राज्य के लोक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और मुस्लिमों के लिए जल्द ही आरक्षण व्यवस्था लाई जाएगी.
साल 2018 में महाराष्ट्र विधानसभा में चर्चा के दौरान शिवसेना ने मुस्लिमों को 5 फीसदी आरक्षण दिए जाने की वकालत की थी. 2014 में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण थे. कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने मुस्लिमों को 5 फीसदी आरक्षण और मराठों को 16 फीसदी आरक्षण की घोषणा की थी. हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए सिर्फ शिक्षा में मुस्लिमों को 5 फीसदी आरक्षण जारी रखा.