पारम्परिक बजट निर्माण प्रक्रिया से हटकर नवाचारी विचारों पर काम करें :मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ

पूर्ववर्ती योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष श्री एम.एस. अहलूवालिया ने राज्यों की बढ़ती वित्त जरूरतों और वित्तीय सीमाओं को देखते हुए वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंधन कानून को नये संदर्भों में दोबारा लिखने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण आर्थिक अधोसंरचना परियोजनाओं में बजट की कमी को दूर करने के लिये निजी - सार्वजनिक भागीदारी का कानून बनाने पर भी विचार करना चाहिए। वे आज यहाँ स्थानीय मिंटो हाल में 'परियोजनाओं के लिये वैकल्पिक वित्त व्यवस्था' विषय पर वित्त विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।