भाजपा ने राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया, 4 प्रत्याशियों के नाम बंद लिफाफे में दिल्ली भेजे



  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यसभा की दो सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया गया

  • प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटें खाली हो रही हैं, इनमें 1-1 भाजपा और कांग्रेस को मिलना तय; तीसरी सीट के लिए मुकाबला


मध्य प्रदेश की 3 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा आर-पार के मूड में है। रविवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 2 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया। इसके बाद राज्यसभा की 2 सीटों के लिए 4 नाम दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व को बंद लिफाफे में भेजे हैं। अब 2 उम्मीदवार कौन होंगे, इसका फैसला भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति करेगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि होली के बाद दोनों नामों की घोषणा हो जाएगी।


विष्णुदत्त शर्मा ने बैठक के बाद मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा, 'वे जानते हैं कि अभी संख्या बल के हिसाब से भाजपा को एक सीट मिल सकती है। लेकिन, भविष्य में संभावनाओं को देखते हुए पार्टी ने 2 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।' ऐसे में पूरी संभावना है कि प्रदेश में चल रहा सियासी ड्रामा और तेज हो सकता है।


प्रदेश में लोकतंत्र नहीं बचा: शर्मा
प्रदेश में सियासी उठापटक को लेकर किए सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा, 'राज्य में लोकतंत्र नहीं बचा है। भाजपा विधायकों को पुलिसिया कार्रवाई से दबाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस कार्रवाई गुंडागर्दी की तरह है। लेकिन कमलनाथ सरकार को यह जान लेना चाहिए कि हम लोग संघर्ष करके आगे बढ़े हैं और जितना डराने का प्रयास हमें किया जाएगा, हम उतने ही मजबूत होंगे।' उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ सरकार राज्य के लोगों को लगातार गुमराह कर रही है।


26 मार्च को है राज्यसभा की तीनों सीटों पर चुनाव
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा और पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया का 9 अप्रैल को राज्यसभा में कार्यकाल पूरा हो रहा है। प्रदेश मेंराज्यसभा की इन तीनों सीटों पर 26 मार्च को चुनाव होना है।


कांग्रेस को दूसरी सीट जीतने के लिए 2 विधायकों की जरूरत होगी, भाजपा को 9
मध्य प्रदेश की 230 सदस्यों वाली विधानसभा में इस वक्त 228 सदस्य हैं। 2 विधायकों के निधन के बाद दो सीटें खाली हैं। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 2 प्रत्याशियों को विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के हिसाब से 115 विधायकों के मत चाहिए, जिसमें कांग्रेस को निर्दलीय विधायक और मंत्री प्रदीप जायसवाल समेत 2 विधायकों की जरूरत होगी। वहीं, भाजपा को चुनाव में दूसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए अपने विधायकों के अलावा 9 अन्य विधायक के वोटों की आवश्यकता होगी।


प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटें
प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। वर्तमान में भाजपा के पास 8 और कांग्रेस के पास 3 सीटें हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्य एमजे अकबर, थावरचंद गहलोत, सत्यनारायण जटिया, प्रभात झा, धर्मेंद्र प्रधान, अजय प्रताप सिंह, कैलाश सोनी और संपत्तिया उइके हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्यों में दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा और राजमणि पटेल शामिल हैं।


ये है राज्यसभा का समीकरण



  • विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर राज्यसभा सीट का निर्धारण होता है।

  • एक राज्यसभा सीट के लिए 58 विधायकों की आवश्यकता होती है।

  • मप्र में 2 विधायकों के निधन के बाद खाली हुई सीट के अलावा 228 विधायक हैं।

  • विधानसभा में कांग्रेस के पास 115 विधायक हैं। (सरकार में मंत्री 1 निर्दलीय भी शामिल)

  • सरकार को अन्य 3 निर्दलीय विधायक, 2 बसपा और 1 सपा विधायक का भी समर्थन।

  • कांग्रेस के हिस्से में 115 विधायकों और 6 निर्दलीय के समर्थन से 2 राज्यसभा सीट मिलेंगी।

  • भाजपा के पास 107 विधायक हैं। वोटिंग में महज एक सीट ही हिस्से में आएगी।


साभार - डी बी