आर्थिक सर्वे 2020: 2020-21 में जीडीपी 6 से 6.5 रहने की उम्मीद

(जी.एन.एस) ता. 31
नई दिल्ही
आज संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है। आर्थिक सुस्ती की खबरों के बीच मोदी सरकार आज साल 2019-2020 का इकोनॉमिक सर्वे यानी आर्थ‍िक सर्वेक्षण को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश कर दिया। जिसमें साल 2020-21 के लिए जीडीपी का अनुमान 6 से 6।5 फीसदी आंका गया है। आपको बता दें कि आर्थिक सर्वे के तहत देश की आर्थिक हालत का पूरा ब्यौरा पेश किया जाता है। साल भर में देश में विकास का ट्रेंड क्या रहा, किस क्षेत्र में कितना निवेश हुआ, किस क्षेत्र में कितना विकास हुआ, किन योजनाओं को किस तरह अमल में लाया गया, जैसे सभी पहलुओं पर इस सर्वे में सूचना दी जाती है।
सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण पर पूरे देश की नजर है, क्योंकि बीते कुछ समय से ऐसा कहा जा रहा है कि देश में आर्थिक सुस्ती जैसे हालात हैं। अर्थव्यवस्था, पूर्वानुमान और नीतिगत स्तर पर चुनौतियों संबंधी विस्तृत सूचनाओं का भी इसमें समावेश होता है। इसमें क्षेत्रवार हालातों की रूपरेखा और सुधार के उपायों के बारे में बताया जाता है। मोटामोटी तौर पर, यह सर्वेक्षण भविष्य में बनाई जाने वाली नीतियों के लिए एक दृष्टिकोण का काम करता है।
आर्थिक सर्वेक्षण चूंकि देश की आर्थिक स्थिति का आईना होता है, इसलिए इसके जरिए आगामी बजट में किन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा, इसकी एक झलक मिल जाती है। यह सर्वे केवल सिफारिशें हैं और इन्हें लेकर कोई कानूनी बाध्यता नहीं होती है। सरकार इन्हें केवल निर्देशात्मक रूप से लेती है। आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त और आर्थिक मामलों की जानकारों की टीम तैयार करती है।
क्या है आर्थिक सर्वेक्षण