बाबूलाल मरांडी ने कहा- आज के दौर में मोदी जैसा कोई नहीं

(जी.एन.एस) ता.31
कोलकाता
झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के भाजपा में जाने की बात अब स्पष्ट प्रतीत हो रही है। मरांडी ने पीएम नरेंद्र मोदी व भाजपा की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि आज के दौर में उनसे मुकाबला करने वाला देश में कोई नहीं है। कोलकाता में पिछले तीन दिनों से सियासी रणनीति में जुटे मरांडी ने जागरण कार्यालय में खास बातचीत में कहा कि देश की राजनीति में मोदी व भाजपा से मुकाबला करने वाला दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा है। आगे क्या होगा वह पता नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भूमिका अब क्षेत्रीय पार्टी की हो गई है। संगठन भी उनका बहुत कमजोर हो गया है। यूपी, बंगाल, बिहार जैसे बड़े राज्यों में कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है और वह जनता से कट गई है। मरांडी ने कहा कि आज दुनिया मानती है कि भाजपा के पास सबसे मजबूत संगठन है। सभी राज्यों में भाजपा मजबूत है।
निकट भविष्य में हमें नहीं लगता कि भाजपा को कोई चुनौती दे सकता है। बकौल मरांडी, पिछले लोकसभा चुनाव में हमलोग कई क्षेत्रीय दल मिलकर साथ लड़े। इसमें कांग्रेस भी थी, लेकिन किसी में हिम्मत नहीं हुई कि कोई मोदी के सामने पीएम कैंडिडेट पेश कर सके। उन्होंने कहा, देश की जनता भी स्टेबल सरकार चाहती है, इसीलिए मोदी को भारी बहुमत दिया। भाजपा में शामिल होने के सवाल पर मरांडी ने टालमटोल करते हुए एक बार फिर साफ कहा कि यदि राजनीति में कहीं जाना ही होगा तो वह वापस भाजपा में ही जाएंगे। उन्होंने कहा, इस बारे में पहले वह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे और वह जो कहेंगे उसी अनुरुप वह जल्द कोई फैसला लेंगे। भाजपा में जाएंगे तो अपने सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर जाएंगे। किसी को भी अनाथ छोड़कर अकेले नहीं जाएंगे। पूरे देश में एनआरसी लागू करने की भी कही बात: मरांडी ने पूरे देश में एनआरसी लागू करने पर भी जोर दिया। कहा कि हमारे देश के कौन नागरिक हैं और कौन नहीं इसका एक डेटा तो होना ही चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि सभी दलों से बातचीत कर सरकार को एनआरसी पर आगे बढ़ना चाहिए।
लोकसभा चुनाव के परिणाम ममता के लिए खतरे की घंटी: मरांडी ने कहा कि बंगाल में इस समय विपक्ष यानी भाजपा ज्यादा मजबूत है। लोकसभा चुनाव में 42 में 18 सीटें जीतना बहुत बड़ी बात है। यह दर्शाता है कि यहां जनता भाजपा की ओर जा रही है। उन्होंने ममता पर निशाना साधते हुए कहा कि ¨हसा की राजनीति बहुत दिनों तक नहीं चलती है। सीएए व एनआरसी के विरोध को लेकर मरांडी ने कहा कि इसका कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने ममता की ओर इशारा करते हुए कहा कि सिर्फ विरोध के लिए विरोध हो रहा है। ऐसा करने वाले खुद राजनीति से कट जाएंगे। उन्होंने कहा, छह महीने तक ममता ऐसे ही विरोध करती रही तो आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा। यह भी कहा कि सीएए-एनआरसी व एनपीआर का जितना विरोध होगा उसका फायदा भाजपा को ही होगा।