शहडोल : अधिकारियों की लापरवाही से अंधेरे में डूबे आदिवासी छात्रावास

शहडोल जिले के आदीवासी छात्रावास बजट की किल्लत के चलते अंधेरे में डूबे नजर आते हैं क्योंकि बिजली का बिल महीनों से जमा नहीं किया गया जिस वजह से छात्रावासों की लाइट काट दी जाती है प्राप्त जानकारी के अनुसार बजट का अभाव इतना है कि छात्रावासों में खाने-पीने की चीजों को दुकानों से उधार लेना पड़ रहा है  और दुकानदार उधार देने से मना करते  हैं


छात्रावास के अधीक्षकों से बात करने पर मालूम हुआ कि विभाग के सहायक आयुक्त आर के श्रोती के मनमर्जी पूर्ण रवैया बजट अभाव का कारण है जब से इन ने कार्यभार संभाला है तब से यह समस्या उत्पन्न हुई है इसके अलावा सहायक आयुक्त महीने में कई बार  मीटिंग बुलाते हैं और मीटिंग का समय 2:30 बजे रखकर घंटो बात मीटिंग में पहुंचते एवं शाम 7:00 बजे तक मीटिंग चलती कई  अधीक्षकों का निवास और छात्रावास जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर तक दूर नक्सल प्रभावित इलाकों के समीप है अधीक्षक खतरों के बावजूद साहब की मीटिंग में शामिल होने पहुंचते हैं और समस्या से अवगत कराते हैं इसके बाद भी साहब की मीटिंग से कुछ नहीं होता है ।