अमित शाह का बड़ा दाव,जिस से आतंकी भी कांपते है,उसे बनाया दिल्ली का पुलिस कमिश्नर


जम्मू कश्मीर से आनन-फानन में एक ऐसे अफसर को दिल्ली बुलाया गया, जिसे जम्मू कश्मीर में 'ऑपरेशन ऑल आउट' चलाने का पूरा अनुभव है। दिल्ली बुलाकर इस अफसर को स्पेशल कमिश्नर (क़ानून व्यवस्था) नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ़ में तैनात थे।


नई दिल्लीः दिल्ली हिंसा में अब हालात सामान्य है। आज शुक्रवार को देखते हुए कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील दी गई जिससे मुस्लिम समाज के लोग नमाज अदा कर सकें। अभी-अभी मिली जानकारी के अनुसार इस पूरी हिंसा में 38 लोगों की मौत हुई है, और लगभग 200 के करीब लोग घायल हैं। इनमें से कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।


इस पूरी हिंसा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने हिंसा को न रोक पाने के लिए गृहमंत्री और दिल्ली पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है। गृहमंत्री अमित शाह मंगलवार से ही एक्शन में नजर आ रहे है। पहले उन्होंने भारत के सुपरकॉप कहे जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल को दिल्ली की जिम्मेदारी दी और मंगलवार की रात को अजित डोभाल को घटनास्थल पर भेजा। एनएसए अजित डोभाल ने लगातार दो दिन तक घटनास्थल का दौरा किया और हालात को काबू करने के लिए पुलिस अधिकारियों को उचित निर्देश दिए। इसी बीच एक अहम कदम उठाते हुए जम्मू कश्मीर से आनन-फानन में एक ऐसे अफसर को दिल्ली बुलाया गया, जिसे जम्मू कश्मीर में 'ऑपरेशन ऑल आउट' चलाने का पूरा अनुभव है। दिल्ली बुलाकर इस अफसर को स्पेशल कमिश्नर (क़ानून व्यवस्था) नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ़ में तैनात थे। आइये जानते है दिल्ली के नये पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव के बारे में



कौन है एसएन श्रीवास्तव क्यो दिल्ली का पुलिस कमिश्नर बनाया गया


नागरिकता संशोधन कानून के पारित होने के बाद से दिल्ली के हालात हिंसक बने हुए हैं। चाहे वह शाहीन बाग का मामला हो या जामिया और जेएनयू हो, दिल्ली के कुछ हिस्सों में लगातार हिंसा को भड़काने की कोशिश की जा रही है। इसका ताजा उदाहरण आपको जाफराबाद और करावल नगर में हुए दंगो से मिल जायेगा। इस पूरे माहौल को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा दांव खेलते हुए जम्मू कश्मीर से एक ऐसे पुलिस अफसर को दिल्ली का पुलिस कमिश्नर बनाया है, जिसे लंबे समय तक जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ काम करने का अनुभव है। जिसके नाम से आतंकवादी भी कांपते है। इनको बहु चर्चित 'ऑपरेशन ऑल आउट' की कमान पुलिस की तरफ से इसी अफसर एसएन श्रीवास्तव ने संभाली थी। आनन-फानन में ही उनको दिल्ली बुलाया गया है। माना जाता है कि एनएच श्रीवास्तव कानून व्यवस्था के मामले में माहिर है। इस से पहले एसएन श्रीवास्तव को कश्मीर में आतंक के खात्मे का काम सौंपा गया था। 2017 में उन्होंने तमाम एंटी टेरर ऑपरेशंस को चलाए थे। इनमें ऑपरेशन ऑल आउट भी था, जिनमें हिज्बुल के कई टॉप कमांडर्स को मार गिराया गया था।


अमूल्य पटनायक को क्यो हटाया गया


दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक का कार्यकाल 29 जनवरी 2020 को समाप्त हो रहा था। लेकिन चुनाव को मद्देनजर रखते हुए उन्हें 1 महीने का एक्टेंशन दिया गया था, इस लिहाज से 29 फरवरी को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अमूल पटनायक को बीच में नहीं हटाया गया बल्कि उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा था। लेकिन गृह मंत्रालय ने एक पहल करते हुए एसएन श्रीवास्तव को उनकी जगह नियुक्त करके दिल्ली में दंगा फसाद करने वाले लोगों को एक सख्त चेतावनी दे दी है। एसएन श्रीवास्तव 1 मार्च से अपना कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले उनको आनन-फानन में जाफराबाद, मौजपुर और चांद बाग इलाकों का दंगा रोकने के लिए स्पेशल कमिश्नर ऑफ लॉयन ऑर्डर के तहत नियुक्त किया गया था।


देखना दिलचस्प होगा कि क्या नए पुलिस कमिश्नर के आ जाने से दिल्ली की कानून व्यवस्था में कुछ परिवर्तन होगा या यह प्रयोग भी और प्रयोगो की तरह असफल हो जाएगा। जिस तरह की एसएम श्रीवास्तव की छवि बताई जा रही है इस लिहाज से देखा जाए तो दिल्ली की कानून व्यवस्था बहुत सही होने जा रही है।


आप क्या सोचते हैं क्या पुलिस कमिश्नर बदल देने से दिल्ली की कानून व्यवस्था सही हो जाएगी कमेंट करके अपनी राय हमें जरूर दीजिए।