भारत भवन में सिरेमिक और चित्र प्रदर्शनी देखने का उत्साह प्रदर्शित

बहु कला केंद्र भारत भवन के 38वें वर्षगांठ समारोह में फिल्म प्रदर्शन, नाटक प्रदर्शन और गायन के कार्यक्रमों में प्रतिदिन विद्यार्थियों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों की उत्साहजनक उपस्थिति देखने को मिल रही है। वर्षगांठ के चौथे दिन भारतीय भाषाओं के कवियों ने अंतरंग सभागार में काव्य पाठ किया। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, हिंदी कवि राजेश जोशी, लीलाधर जगूडी, अरुण कमल, गुजराती कवि श्री शीतांशु, उड़िया कवि सुश्री प्रवासनी, असमिया कवि निलिम कुमार, मराठी कवि सुश्री कल्पना दुधाल और अन्य आमंत्रित कवियों सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी इस मौके पर उपस्थित थे।


संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने 13 फरवरी को ग्यारह दिवसीय समारोह का शुभारंभ किया था। भारत भवन की कला दीर्घा में उन्होंने पहली बार लगाई गई अंतरराष्ट्रीय  सिरेमिक कला प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया था, जो आगामी 15 मार्च तक प्रतिदिन  दोपहर दो बजे से देखी जा सकती है। यह प्रदर्शनी कला-प्रेमियों को काफी लुभा रही है। जिन देशों के सिरेमिक आर्टिस्ट की कलाकृतियाँ भारत भवन के कला दीर्घा में प्रदर्शित की गई हैं, उनमें भारत के अलावा इजराइल, फ्रांस, यू.एस.ए, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, चाईना, कोरिया, जापान आदि शामिल हैं।


प्रदर्शनी में आस्ट्रेलिया के विप्पो श्रीविलासा अपनी बनाई कलाकृति के संबंध में बताया कि उन्होंने इस कलाकृति में मनुष्य और पशु के मिश्रित स्वरूप को एक पुष्प को आधार बनाकर कलात्मक रूप दिया है। भारत के टेराकोटा शिल्प से जुड़े कलाकारों की कलाकृतियाँ भी कला-प्रेमियों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। शम्पा शाह और रेखा अग्रवाल के साथ ही कच्छ की सुश्री सारा अपनी कला को प्रदर्शनी में प्रदर्शित करते हुए काफी प्रसन्न थीं।