कृषि वैज्ञानिकों के सामने अनेक चुनौतियां हैं - नरेंद्र सिंह तोमर

नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) की 91वीं वार्षिक आम सभा की बैठक गुरूवार को संपन्न हुई। इसमें केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा "हमारा देश कृषि प्रधान देश है। कृषि और गांवों की प्रधानता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार की प्राथमिकता पर रखा है। किसानों के परिश्रम, वैज्ञानिकों के शोध, नई किस्मों के बीज व सरकारी नीतियों के कारण आज हमारा देश खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है।बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के दोनों राज्य मंत्रियों के साथ ही कुछ अन्य केंद्रीय मंत्री भी उपस्थित थे। विभिन्न राज्यों के कृषि और पशुपालन मंत्री, आईसीएआर के शासी निकाय के सदस्य, राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारियों और आईसीएआर के वैज्ञानिक भी मौजूद थे। इस अवसर पर मंत्री तोमर ने कहा कि कृषि के समक्ष अनेक चुनौतियां है जिनका सामना कर उन पर विजय प्राप्त करने, देश की आवश्यकता की पूर्ति करने, कृषि की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा खेती को मुनाफे में लाने में कृषि विभाग के साथ ही आईसीएआर का भी बहुत महत्व है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के "वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने" के आव्हान में किसानों का उत्पादन, खेत की उत्पादकता और उन्हें उत्पादन का उचित मूल्य मिलें, इन सबमें आईसीएआर की भूमिका अहम् है। तोमर ने बताया कि बजट में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए 3 लाख करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है जो कि सरकार की कृषि, कृषक और गांवों के प्रति प्रतिबद्धता को प्रकट करता है। इस बजट की घोषणाएं उत्साहित करने वाली हैं। जो लक्ष्य तय किए गए हैं, उन्हें हासिल करने में मंत्रालय और वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस भूमिका को समझते हुए परिषद् आगामी वर्ष के लिए रोड मैप बनाएगी, आने वाली चुनौतियों का सामना करेगी और सभी मिलकर निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।