कृषि, युवा और तकनीक का होना चाहिए संगम - तोमर


<p>नई दिल्ली। सम्मेलन का शुभारंभ केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को किया। इस अवसर पर तोमर ने आशा जताई कि यह कार्यक्रम केवीके के माध्यम से किसानों के ज्ञानवर्धन में उपयोगी साबित होगा। प्रौद्योगिकी आधारित खेती हेतु युवाओं का सशक्तिकरण विषयक यह सम्मेलन समय की आवश्यकता के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि कृषि, युवा और तकनीक का संगम होना चाहिए। देश के गरीब किसानों को भी कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान का लाभ मिलना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने देश के जीडीपी में कृषि क्षेत्र के योगदान को बढ़ाने पर भी जोर दिया।</p>



<p>शुभारंभ
समारोह में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के
महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा देश के केवीके के
वैज्ञानिक एवं अन्य प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में तोमर ने
कहा कि हमारे संस्कारों में विरासत का बड़ा महत्व है। विरासत आर्थिक हो, सामाजिक हो, सांस्कृतिक हो या पारिवारिक हो, विरासत के प्रति मोह, सम्मान, उसे
अक्षुण्ण बनाए रखना और आगे बढ़ाना इन सभी भावों से हम सभी ओत-प्रोत रहते हैं।
वर्तमान समय में कृषि की विरासत आने वाली पीढ़ी को सौंपना कठिन दिखाई दे रहा है, ऐसे में इस कार्यक्रम के माध्यम से
कृषि,
युवा और तकनीक का जुड़ाव कैसे हो, इस पर विचार होना चाहिए।