नगरीय निकायों में 11 लाख पारंपरिक लाइट की जगह लगेगीं एल.ई.डी.

प्रदेश के 378 नगरीय निकायों की लगभग 11 लाख पारंपरिक लाईट की जगह एल.ई.डी. लाईट लगायी जायेगीं। योजना के क्रियान्वयन के लिए नगरीय निकायों को 20 क्लस्टर में बाँटा गया है। इनमें नगरीय निकाय इन्दौर, भोपाल, रीवा, रतलाम और उज्जैन शामिल नहीं हैं।


योजना के क्रियान्वयन के लिए एक वर्ष और रख-रखाव के लिए 7 वर्ष की अवधि तय की गई है। कार्य पी.पी.पी.मोड में करवाया जायेगा। एल.ई.डी.लगाने के बाद विद्युत खपत में लगभग 50 प्रतिशत की बचत होगी।


क्लस्टर


नगरीय निकायों को सागर, छतरपुर, देवास, नागदा, ग्वालियर, शिवपुरी, पीथमपुर, खरगोन, झाबुआ, खण्डवा, मंदसौर, विदिशा, सीहोर, होशंगाबाद, सतना, सीधी, शहड़ोल, बालाघाट, जबलपुर और छिन्दवाड़ा क्लस्टर में विभाजित किया गया है।


देवास क्लस्टर में शामिल 20 निकायों की निविदा स्वीकृत हो चुकी है, जिसकी अनुमानित लागत 42 करोड़ 28 लाख रूपये है। लगभग 25 हजार स्ट्रीट लाईट का एल.ई.डी. में परिवर्तन किया जा रहा है। अन्य सेक्टरों में भी जल्द कार्य शुरू करने की कार्यवाही की जा रही है।