आधी रात सिंधिया ने किया ट्वीट- ये मेरी जिंदगी का न केवल टर्निंग प्वाइंट है, बल्कि...

लंबे समय तक कांग्रेस के नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए जिससे मध्य प्रदेश सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं.













सिंधिया के नजदीकी 22 विधायकों के इस्तीफों से मध्य प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस गिरने की कगार पर पहुंच गई है. कांग्रेस ने अपने करीब 90 विधायकों को जयपुर के पास एक रिजॉर्ट में भेज दिया, वहीं राज्य में विपक्षी दल भाजपा ने अपने विधायकों को गुरूग्राम के एक लग्जरी होटल भेज दिया है. इस बीच इस्तीफा देने वालों में से 19 को बेंगलुरु में एक होटल में रखा गया है. इनके इस्तीफे भाजपा विधानसभाध्यक्ष के पास लेकर गई थी.

 

संख्या बल को लेकर प्रयास तेज होने और ‘मित्र राज्यों' में रिजॉर्ट राजनीति तेज होने के बीच सिंधिया भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा की मौजूदगी में भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल हो गए और कहा कि देश का भविष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है. विधायकों को जिन राज्यों में रखा गया है उनमें से राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में है जबकि हरियाणा और कर्नाटक में भाजपा की सरकारें हैं.

 

मध्य प्रदेश के सियासी तूफान के केंद्र में 49 वर्षीय सिंधिया हैं. वह ग्वालियर के तत्कालीन शाही परिवार से आते हैं और उनके परिवार के संबंध कांग्रेस और भाजपा दोनों से रहे हैं.

 

सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया कांग्रेस में थे, उनकी दादी विजया राजे सिंधिया भाजपा की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं और उनकी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया और वसुंधरा राजे सिंधिया भाजपा की सक्रिय सदस्य हैं.

सिंधिया ने मध्य प्रदेश को अपने दिल का टुकड़ा बताया . सिंधिया एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे जिसमें नड्डा उनके साथ थे. उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों में राज्य के लिए उनके सपने चकनाचूर हो गए जब कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव जीता और कमलनाथ मुख्यमंत्री बने. नड्डा ने सिंधिया का भाजपा में स्वागत करते हुए कहा कि वह अपने परिवार में शामिल हो रहे हैं.