कोरोना से दिल्ली-एनसीआर के दो स्कूल बंद


दिल्ली में कोराना वायरस का पहला मामला आने के बाद दिल्ली से सटे नोएडा में दो प्राइवेट स्कूल अगले कुछ दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं.


दोनों स्कूल ने अभिभावकों को ईमेल और वॉट्सऐप मैसेज भेज कर बताया है कि स्कूल ने एहतियात के तौर पर ये क़दम उठाया है और अभिभावकों को घबराने की ज़रूरत नहीं है.


स्कूलों तक कैसे पहुंचा कोरोना का ख़तरा


दरअसल दिल्ली में जिस आदमी के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की बात सामने आई थी, उनके बच्चे नोएडा के स्कूल में पढ़ते हैं.



विदेश से लौटने के बाद उनके घर पर एक छोटी सी पार्टी हुई थी. उस पार्टी में पाँच परिवार और 10 बच्चे शामिल हुए थे. उसके बाद बच्चा स्कूल भी गया था. पार्टी के बाद उनके सैम्पल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. इस घटना के बाद से ही स्कूल और दूसरे अभिभावक घबरा गए.


नोएडा प्रशासन की तैयारी


नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) अनुराग भार्गव ने इसकी पुष्टि की है.


मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "जैसे ही किसी का सैम्पल लिया जाता है, और वो पॉजिटिव पाया जाता है तो सभी सरकारी महकमों को इसकी सूचना दे दी जाती है. जिस दिल्ली के आदमी में कोरोना वायरस का सैम्पल पॉजिटिव पाया गया, उसे पार्टी के बाद अपनी रिपोर्ट के बारे में पता चला है. उसके बाद इस बारे में स्कूल को भी पता चला."


अनुराग भार्गव ने आगे बताया कि संक्रमित आदमी के घर पर पार्टी हुई थी. पार्टी में पाँच परिवार शामिल हुए थे, जिनमें कुल 10 बच्चे थे. उन सभी के सैम्पल ले लिए गए हैं और टेस्ट करने के लिए भेज दिए गए हैं. अगले कुछ घंटों में इसकी रिपोर्ट भी आ जाएगा


अनुराग के मुताबिक़ किसी कमरे को सैनिटाइज़ करने में दो घंटे का वक़्त लगता है. कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की बेटी नोएडा के जिस स्कूल में गई और जिन छात्रों से मिली उन्हें भी निगरानी में रखा गया है. उनसे फोन पर प्रशासन लगातार सम्पर्क में है और पूछा जा रहा है कि कोरोना से जुड़े किसी तरह के लक्षण उन्हें ख़ुद में दिख रहे हों तो फ़ौरन प्रशासन से सम्पर्क करें.स्कूल बंद होने के सवाल पर नोएडा के सीएमओ ने कहा कि स्कूल ने अपनी तरफ़ से एहतियात के तौर पर ऐसा क़दम उठाया है. उनको अपनी तरफ़ से जो समझ आया उन्होंने किया. स्कूल को सैनिटाइज़ करके दोबारा खोल दिया जाएगा.


लोगों में पैनिक ना फैले इसके लिए अनुराग भार्गव ने कहा, "अभिभावकों को डरने की ज़रूरत नहीं है. इससे निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं. भारत में तीन मामले पहले भी आ चुके हैं. वो सभी लोग ठीक हो कर घर जा चुके हैं."


कोरोना से संक्रमित आदमी के सम्पर्क में जो लोग आए हैं उन्हें घर में अलग-थलग रखा गया है. इस बात का विशेष ख्याल रखा जा रहा है कि उनमें खांसी, ज़ुकाम के लक्षण न दिखें. सांस लेने में दिक्क़त ना हो. बुख़ार न आए.


कोरोना वायरस का सबसे ज़्यादा ख़तरा उन लोगों को है जिनके अंदर किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम होती है. ऐसे में बच्चे और बूढ़ो को इससे सबसे ज्यादा ख़तरा माना जा रहा है.


दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में भी चार बच्चों को घर में अलग-थलग रखा गया है.



नोएडा के जिस स्कूल में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के बच्चे पढ़ते हैं उस स्कूल ने सभी अभिभावकों को एक ईमेल भेजा है.



स्कूल प्रशासन ने क्या कहा


ईमेल में साफ़ कहा गया है कि संक्रमित व्यक्ति के बच्चों के सम्पर्क में जो भी छात्र आए हैं उन्हें दो हफ्तों के लिए दूसरों से अलग-थलग कर दिया गया है. ईमेल में आगे लिखा है-



  • स्कूल में अगले तीन दिन के लिए छुट्टी कर दी गई है.

  • स्कूल के सभी पब्लिक प्लेस और कमरों को सैनेटाइज़ कर दिया गया है.

  • बच्चे में अभिभावक अगर कोरोना से जुड़े लक्षण देंखे- तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर - 011 23978046 पर सम्पर्क करें.

  • ऐसे बच्चों को अभिभावक स्कूल न भेजें.

  • स्कूल में फ़िलहाल परीक्षाएं चल रहीं हैं. इन तीन दिनों में होने वाली परीक्षा फ़िलहाल के लिए स्थगित कर दी गई है.

  • अभिभावकों को परीक्षा की अगली डेट की जानकारी तुरंत दी जाएगी.

  • स्कूल की तरफ़ से फ़िलहाल बोर्ड की परीक्षा के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है.

  • कुछ इसी तरह के सर्कुलर दिल्ली और नोएडा के दूसरे स्कूलों में भी अभिभावकों को भेजा जा रहा है.


नोएडा प्रशासन की मानें तो स्कूलों को ऐसे किसी बच्चे को स्कूल आने की इज़ाजत नहीं देना चाहिए जिसे कोरोना से जुड़ा कोई भी लक्षण दिखाई दे.स्कूल कैसे कर सकते हैं बचाव



  • नोएडा प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एलान किया है कि आने वाले दिनों में नॉन कॉनटैक्ट थर्मामीटर सभी स्कूलों को ख़रीदवा दिया जाएगा, ताकि बच्चों को बिना छुए बुख़ार का पता लगाया जा सके.

  • ऐसे बच्चों को पब्लिक प्लेस में जाने से बचना चाहिए.

  • परिवार और बच्चे ख़ुद को क्वारंटाइन में ही रखें.

  • कोरोना के लक्षण और बचाव के बारे में पढ़ें और समय रहते उसे अमल में लाएं 


दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस को लेकर आज संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाक़ात की. मुलाक़ात के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "कोरोना वायरस को लेकर चर्चा हुई. जिस तरह से कोरोना वायरस फैल रहा है, पहला केस अभी दिल्ली में निकला है. एक केस तेलंगाना में निकला है. इसमें केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार मिलकर काम करेगी. ये एक बहुत ही ख़तरनाक बीमारी है. विश्व में जहां भी, जिस भी देश में गई है, वहां ये तेज़ी से फैली है. इसमें हम लोगों को मिलकर काम करना पड़ेगा ताकि इसको फैलने से रोका जा सके".अरविंद केजरीवाल ने की प्रधानमंत्री से मुलाक़ात


प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट कर कहा है कि कोरोना वायरस को लेकर पैनिक करने की आवश्यकता नहीं है. हमें साथ मिलकर कर काम करने की ज़रूरत है. उन्होंने अपने ट्वीट के साथ कोरोना से बचाव कैसे करें, उसके बारे में जानकारी साझा की है और लिखा है कि हमें छोटे लेकिन महत्वपूर्ण क़दम उठाने चाहिए.