केंद्रीय आयुष मंत्री का दावा खारिज, प्रिंस चार्ल्स को कोरोना संक्रमण से आयुर्वेद ने नहीं उबारा

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने दावा किया था कि आयुर्वेद चिकित्सा के जरिए कोरोना संक्रमण से जूझ रहे ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स को उबरने में मदद मिली। उनका यह दावा एक दिन बाद ही खारिज हो गया। प्रिंस चार्ल्स के प्रवक्ता ने श्रीपद नाइक के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ चिकित्सा सलाह का पालन किया है।


वेल्स के प्रिंस के प्रवक्ता एला लिंच ने शुक्रवार को 'इंडियन एक्सप्रेस' से एक ईमेल में कहा कि यह जानकारी गलत है। वेल्स के राजकुमार ने यूके में एनएचएस (राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा) की चिकित्सा सलाह का पालन किया। इससे अधिक कुछ भी नहीं उन्होंने किया है।


केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने गुरुवार को कहा था कि बंगलूरू में आयुर्वेदिक डॉक्टर मथाई हैं, जो सौख्य नाम से एक आयुर्वेद रिजॉर्ट चलाते हैं। डॉ. मथाई ने मुझे फोन कर बताया कि ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स का कोरोना वायरस संक्रमण उनकी दवाई से सही हुआ है। यह दवाई आयुर्वेद और होम्योपैथी का मिश्रण है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को प्रिंस चार्ल्स से बात की थी और संतोष व्यक्त किया था कि राजकुमार अपने हालिया हालात से उबर चुके थे। उन्होंने कहा था कि वे उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

मालूम हो कि 25 मार्च को प्रिंस चार्ल्स का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद से ही ब्रिटिश राजगद्दी के 71 वर्षीय उत्तराधिकारी ने खुद को क्वारंटीन किया हुआ था। क्लैरेंस हाउस की तरफ से जारी बयान में भी प्रिंस के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि की गई थी। उनके ठीक होने को लेकर ब्रिटिश प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।