लॉकडाउन के बाद रेल सफर नहीं होगा आसान...?


*कोलकाता/नई दिल्ली. कोरोना वायरस के कहर के कारण 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन उसके बाद खुलेगा या नहीं, आगे बढ़ेगा या धीरे-धीरे खोला जाएगा? इसका तो फिलहाल कोई जवाब नहीं लेकिन इतना तय है कि सब कुछ पहले जैसा नहीं रहेगा। हर जगह बदलाव दिखेगा और इन बदलावों में शामिल है ट्रेन का सफर।*


लॉकडाउन के बाद आसान न होगा रेल का सफर क्योंकि इन चीजों के लिए तैयार सभी को तैयार रहना होगा। लॉकडाउन खुलने के बाद जब ट्रेन में सफर की जाएगी तो सफर तैयारी से लेकर सफर का समय तक। कुछ भी पहले जैसा नहीं लगेगा। बहुत सारे नियमों का पालन सबको करना होगा। कई तरह के टेस्ट्स से गुजरना होगा। रेलवे सूत्रों ने इसकी पुष्टि की। लॉकडाउन के बाद मास्क के साथ होगा ट्रेन का सफर। रेलवे के एक आला अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि रेलवे फिलहाल आमदनी के बारे में नहीं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के बारे में सोच रहा। यह जरूरी है कि कोरोना और न फैले। लॉकडाउन के बाद सभी यात्रियों से अपील की जाएगी कि वे बिना मास्क सफर न करें क्योंकि उनके स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है।


*स्वस्थ नहीं तो ट्रेन सफर नो*


अधिकारी ने बताया कि रेलवे का विचार है कि आरोग्य सेतु ऐप का सहारा लेकर यात्रियों के स्वास्थ्य को चेक किया जाए। अगर कोई यात्री स्वस्थ नहीं पाया गया तो उसे ट्रेन में नहीं चढऩे दिया जाएगा।


*थर्मल स्कीनिंग के बाद मिलेगी एंट्री*


एयरपोर्ट की तरह हर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग की जा सकती है। यात्रियों के स्वास्थय की जांच के लिए कई अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद रेलवे की प्राथमिकता में ऐसे रूट्स के लिए जगह नहीं होगी जिसमें कोरोना के हटस्पॉट आते हों। जरूरी है कि अपनी प्लानिंग इसी हिसाब से करें। अगर मंजिल ऐसी है, जिसके रास्ते में हॉटस्पॉट हो या मंजिल ही हॉटस्पॉट हो तो रेलवे सॉरी कहेगा। लॉकडाउन खुलने का मतलब कतई नहीं कि अचानक सब सोशल डिस्टेन्सिंग की जरूरत भूल जाएं। रेलवे की कोशिश रहेगी कि स्टेशनों और प्लेटफॉर्म पर कम से कम लोग हों। गैरजरूरी यात्राओं को टालने की रणनीति के साथ काम हो सकता है। ऐसे में अगर कहीं जा रहे हैं तो पहले चेक करें कि जाना कितना जरूरी है? दोस्तों-रिश्तेदारों को स्टेशन पर सी-ऑफ करने के लिए न बुलाएं।